| पावर
फाइनेंस
कॉर्पोरेशन
लिमिटेड
के
बारे
में
सूचना
इसके
संगठन,
कार्य
और
कर्त्तव्यों
का
विवरण
विद्युत
मंत्रालय,
भारत
सरकार
के
प्रशासनिक
नियंत्रणाधीन
पावर
फाइनेंस
कारपोरेशन
लिमिटेड
(भारत
सरकार
का
उपक्रम)
अन्य
बातों
के
साथ-साथ
भारतीय
विद्युत
क्षेत्र
को
निधि-आधारित
और
गैर-निधि-आधारित
सहायता
प्रदान
करने
की
दृष्टि
से
वर्ष1986
में
अस्तित्व
में
आया।
संगठन
-
यह
कारपोरेशन
एक
निदेशक
मंडल,
जो
उच्चतम
निर्णयकर्ता
निकाय
है,
द्वारा
चलाया
जाता
है।
यह
पूर्णकालिक
कार्यपालकों
और
कर्मचारियों
के
पदानुक्रम
के
माध्यम
से
कार्य
करता
है।
पूर्णकालिक
अध्यक्ष
एवं
प्रबंध
निदेशक
तथा
निदेशकों
सहित
प्रबंधकीय
क्षमता
में
इस
समय
नियोजित
कर्मचारियों
की
संख्या
176
है
जबकि
गैर-प्रबंधकीय
क्षमता
में
कर्मचारियों
की
संख्या
125
है,
जिससे
कुल
संख्या
301
होती
है।
संगठनात्मक
ब्यौरा
अनुबंध-क
के
रूप
में
प्रस्तुत
है।
कार्य
और
कर्त्तव्य
-
अपने
ग्राहकों
के
संबंध
में
कारपोरेशन
के
कार्य
और
कर्त्तव्यों
में
निम्नलिखित
क्षेत्र
में
सेवाएं
और
उत्पाद
प्रदान
करना
शामिल
है
:
(क)
वित्तीय
और
निधि-आधारित
सेवाएं
(ख)
संस्थात्मक
विकास
सेवाएं;
और
(ग)
शुल्क-आधारित
परामर्शी
सेवाओं
सहित
अन्य
इनके
ब्यौरे
अनुबंध-ख
के
रूप
में
संलग्न
है।
अधिकारियों
और
कर्मचारियों
की
शक्तियां
और
कर्त्तव्य
-- कारपोरेशन
के
अधिकारियों
और
कर्मचारियों
को
अपने
विभिन्न
ग्राहकों
और
व्यावसायिक
सहयोगियों
के
साथ
संतोख़जनक
रूप
से
अपने
कर्त्तव्यों
के
निर्वहन
में
समर्थ
बनाने
के
लिए
पर्याप्त
सांस्थानिक
व्यवस्थाएं
मौजूद
है।
शक्तियों
के
प्रत्यायोजन
के
साधन
के
माध्यम
से
अधिकारिता
की
योजना
सुनिश्चित
करती
है
कि
व्यवसाय
के
निपटान
और
ग्राहकों
की
सेवा
करने
से
संबद्ध
विभिन्न
मुद्दों
पर
पर्याप्त
ध्यान
दिया
जाता
है
और
उनके
द्वारा
गुणवत्तापूर्ण
सेवाएं
सुनिश्चित
की
जाती
हैं।
शक्ति
के
प्रत्यायोजन
का
साधन
मोटे
तौर
पर
निम्नानुसार
पर्याप्त
और
तीव्र
निर्णय
लेने
के
लिए
है।
पर्यवेक्षण
और
जिम्मेदारी
के
मार्ग
सहित
निर्णय
लेने
की
प्रक्रिया
में
अपनाई
जाने
वाली
कार्यविधि
कंपनी
का
समग्र
प्रबंधन
कंपनी
के
निदेशक
मंडल
में
निहित
है।
निदेशक
मंडल
कंपनी
में
निर्णय
लेने
वाला
उच्चतम
निकाय
है।
कंपनी
अधिनियम,
1956 के
उपबंधों
के
अनुसार
कतिपय
मामलों
में
साधारण
बैठक
में
कंपनी
के
शेयरधारकों
का
अनुमोदन
अपेक्षित
हैं।
निदेशक
मंडल
कंपनी
के
शेयरधारकों,
जो
किसी
कंपनी
के
अंतिम
प्राधिकारी
हैं,
के
प्रति
जिम्मेवार
है।
सरकारी
उद्यम
होने
के
कारण
पावर
फाइनेंस
कारपोरेशन
का
निदेशक
मंडल
भी
भारत
सरकार
के
प्रति
जिम्मेदार
है।
कंपनी
के
दिन-प्रतिदिन
का
प्रबंधन
कंपनी
के
अध्यक्ष
और
कार्यात्मक
निदेशकों
तथा
अन्य
अधिकारियों
को
सौंपा
जाता
है।
निदेशक
मंडल
ने
अध्यक्ष,
कार्यात्मक
निदेशकों,
कंपनी
के
कार्यपालकों
को
शक्तियों
के
प्रत्यायोजन
के
माध्यम
से
शक्तियां
प्रत्यायोजित
की
है।
अध्यक्ष,
कार्यात्मक
निदेशक
और
अन्य
अधिकारीगण
शक्तियों
के
प्रत्यायोजन
के
अनुसार
निर्णय
लेने
की
अपनी
शक्तियों
का
प्रयोग
करते
हैं।
शक्तियों
के
प्रत्यायोजन
का
साधन
मोटे
तौर
पर
व्यावसायिक
निर्णय
के
निपटान
करने
की
शक्तियों
वाले
निर्णय
लेने
के
उच्चतम
निकाय
होने
की
अपनी
क्षमता
में
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