पी. एफ. सी. में राजभाषा कार्यान्वयन   

 

        पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( पीएफसी) की स्थापना जुलाई, 1986 में विद्युत क्षेत्र को समर्पित विकास वित्तीय संस्थान के रूप में की गई, जो देश एवं विदेश से वित्तीय संसाधनों के जुटाव में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और विद्युत परियोजनाओं को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान करता है

         विद्युत क्षेत्र विकास के साथ-साथ पीएफसी राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है राजभाषा नियम, 1976  के नियम 10(4)  के अंतर्गत केद्रीय सरकार की अधिसूचना द्वारा निगम को 23.03.1993 से अधिसूचित कार्यालय घोषित कर दिया गया है तदनुसार, नियम राजभाषा नियम  8 (4) के अंतर्गत 10 अनुभागों को विनिर्दिष्ट कार्य केवल हिन्दी में करने के लिए अधिसूचित किया गया है। इनका अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक चैक- पॉइंट  भी बनाए गए हैं प्रत्येक तिमाही में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक का आयोजन किया जाता है जिसमें  राजभाषा अधिनियम /नियम के प्रावधानों तथा राजभाषा विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों को निगम में कारगर ढंग से लागू करने और उनका अनुपालन सुनिश्चित करने  पर बल दिया जाता है पीएफसी में राजभाषा कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए तीन बार संसदीय राजभाषा समिति द्वारा निरीक्षण किया गया जिसमें राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई समिति के माननीय सदस्यों द्वारा जो सुझाव दिए गए थे, उन पर शत-प्रतिशत अमल किया जा रहा है निगम के कार्मिकों को हिंदी ज्ञान संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है तथा उनको हिंदी कार्य में प्रवीण बनाने के लिए कार्यशालाओं का नियमित आयोजन किया जाता है निगम में राजभाषा हिंदी में कार्य करने वाले कार्मिकों के लिए  हिन्दी सीखने, हिन्दी आशुलिपि/टाइपिंग सीखने तथा अधिकारियों के लिए हिंदी में डिक्टेशन देने से संबंधित प्रोत्साहन योजनाएं लागू हैं।

           प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को  हिन्दी दिवस का आयोजन किया जाता है और इस अवसर पर    राजभाषा माह का आयोजन भी किया जाता है हमारे निगम में हिन्दी प्रतियोगिताएं केवल हिंदी पखवाड़े,या हिंदी माह, तक ही सीमित रहकर पूरे वर्षभर आयोजित की जाती हैं, जिससे हिन्दी का वातावरण निर्मित करने में पर्याप्त मदद मिलती है इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राजभाषा माह के समापन समारोह में  पुरस्कृत भी किया जाता है

           कार्मिकों में हिन्दी के प्रति रुचि जागृत करने के लिए कार्यालय में राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार प्रत्येक वर्ष हिंदी की पुस्तकों की खरीद की जाती है  इसके अतिरिव्त नवभारत टाइम्स तथा राष्ट्रीय सहारा नामक समाचार-पत्र और कादम्बिनी, हंस, समकालीन भारतीय साहित्य, सरिता , प्रतियोगिता दर्पण, आउट-लुक तथा इंडिया टुडे नामक हिन्दी पत्रिकाएं भी नियमित रूप से मंगाई जा रही हैं।

          निगम में प्रयुव्त होने वाले प्रशासनिक और तकनीकी शब्दों की शब्दावली भी तैयार करके सभी कार्मिकों को वितरित की गई है ताकि दिन-प्रतिदिन के कार्यों में उन्हें मदद मिल सके  

          राजभाषा नियम, 1976  के नियम  11 के अनुपालन में सभी विजिटिंग कार्ड,पत्र शीर्ष, फाइल कवर, फोल्डर, स्टेशनरी की अन्य मदें, नेम प्लेटें, रबड़ की मोहरें आदि द्विभाषी हैं और प्रशासन विभाग द्वारा इन्हें द्विभाषी रूप में ही छपवाया जाता है  निगम का लोगो  द्विभाषी है निगम की सभी प्रकाशन सामग्री में इस द्विभाषी लोगो का ही प्रयोग होता है

                निगम के नवनिर्मित कॉर्पेरेट भवन का नाम हिंदी में ऊर्जानिधि रखा गया है जिसका 16 जुलाई, 2006 को माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशीलकुमार शिंदे जी ने उद्घाटन किया

गृह पत्रिका ऊर्जा दीप्ति का प्रकाशन  

कार्मिकों की रचनात्मक प्रतिभा को बढ़ावा देने तथा हिन्दी के प्रति उनकी निरंतर रुचि बनाए रखने के लिए निगम द्वारा एक त्रैमासिक गृह- पत्रिका  ऊर्जा दीप्ति का प्रकाशन  किया जा रहा है पीएफसी को राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हुए हैं जिनमें मुख्यतः है- हिन्दी अकादमी, दिल्ली द्वारा सर्वश्रेष्ठ पत्रिकाओं की श्रेणी में  ऊर्जा दीप्ति' को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति(उपक्रम), दिल्ली द्वारा आयोजित सर्वश्रेष्ठ गृह-पत्रिका प्रतियोगिता में ऊर्जा दीप्ति को वर्ष 1997-98 के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया विद्युत मंत्रालय के अधीन आने वाले उपक्रमों के लिए विद्युत मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित सर्वश्रेष्ठ गृह पत्रिका प्रतियोगिता में भी वर्ष 1997-98 के लिए ऊर्जा दीप्ति को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया पत्रिका के बेहतर प्रकाशन के लिए वर्ष 1997-98 एवं 2004-05  के लिए ऊर्जा दीप्ति को राष्ट्रीय हिन्दी अकादमी, रूपाम्बरा द्वारा राष्ट्रीय राजभाषा शील्ड से भी सम्मानित किया गया है

 

राजभाषा कार्यान्वयन के लिए प्राप्त सम्मान  

राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य-निष्पादन के लिए विद्युत मंत्रालय द्वारा निगम को वर्ष 1997-98 के लिए राजभाषा कप  ( तृतीय पुरस्कार) प्रदान किया गया। राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य-निष्पादन के लिए विद्युत मंत्रालय की विद्युत राजभाषा शील्ड योजना के अंतर्गत निगम को वर्ष 1999-2000 के लिए विद्युत राजभाषा शील्ड (तृतीय पुरस्कार) तथा वर्ष 2000-01 के लिए विद्युत राजभाषा शील्ड (प्रथम पुरस्कार) प्रदान किया गया समय-समय पर राष्ट्रीय हिंदी अकादमी, अखिल भारतीय राष्ट्रभाषा विकास संगठन एवं यूएमएस पत्रिका, भारतीय राजभाषा विकास संस्थान तथा भारतीय भाषा एवं सस्कृति केंद्र द्वारा भी राजभाषा हिंदी कार्यान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति एवं उपलब्धियों के लिए निगम को सम्मानित किया गया है हाल ही में नराकास के तत्वावधान में आयोजित निबंध प्रतियोगिता के आयोजन के लिए नराकास द्वारा निगम को सम्मानित किया गया है

 

हिंदी दिवस पर कवि सम्मेलन का आयोजन

        हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 14 सितंबर,2006  को फिक्की ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया इस अवसर पर माननीय केंदीय विद्युत मंत्री श्रीसुशीलकुमार शिंदे जी मुख्य अतिथि थे और सचिव(विद्युत) श्री आर.वी.शाही जी विशिष्ट अतिथि थे इस कवि सम्मेलन में  बालकवि बैरागी, हरिओम पंवार, ओम प्रकाश आदित्य,सुरेंद्र शर्मा, अशोक चक्रधर, संतोष आनंद, मंजीत सिंह जैसे विख्यात एवं लब्धप्रतिष्ठ कवियों को आमंत्रित किया गया