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पीएफसी
की
अपने
ग्राहक
को
जानें
(केवाईसी)
की
नीति
ग्राहक
को
जाने
(केवाईसी)
के
प्रयोजनार्थ
पीएफसी
के
ग्राहकों
को
निम्नानुसार
वर्गीकृत
किया
जाता
है
:
·
ऋण
लेने
वाले
पक्ष
के
ग्राहक
·
उधारदाता
पक्ष
के
ग्राहक
ऋण
लेने
वाले
पक्ष
के
ग्राहकों
(उधार
लेने
वाले)
में
राज्य
संगठन
और
स्वतंत्र
विद्युत
उत्पादक
शामिल
होंगे।
उधारदाता
पक्ष
के
ग्राहकों
(निवेशकों)
में
बैंक,
संस्थाएं,
न्यास,
कॉर्पोरेट आदि
शामिल
हैं।
ग्राहक
स्वीकृति
नीति
और
ग्राहक
पहचान
कार्यविधियां
:
ग्राहक
स्वीकृति
नीति
उपरोक्त
ग्राहकों
से व्यक्तिशः,कॉर्पोरेट
न्यासों
और
फाउंडेशनों
तथा
साझेदार
फर्मो
आदि
के
लिए
संगत
आंकड़े
प्राप्त
करने
के
लिए
पीएफसी
का
प्रपत्र
भरने
और
ग्राहक
पहचान
प्रक्रिया
के
भाग
के
रूप
में
प्रपत्र
में
दिए
गए
अनुसार
समर्थक
दस्तावेज
प्रदान
करने
की
अपेक्षा
करती
है।
लेन-देनों
की
मानीटरिंग
:
सभी
लेन-देनों
की
मानीटरिंग
और
रिपोर्टिंग
तथा
केवाईसी
के
लिए
कानून
के
अधीन
यथापेक्षित
सूचना
की
भागीदारी
सुनिश्चित
करने
के
लिए
कंपनी
सचिव
को
पीएफसी
के
प्रधान
अधिकारी
के
रूप
में
नामोदिष्ट
किया
जाता
है।
उधारदाता
पक्ष
पर
आंकड़ों
का
संग्रहण
संगठन
आंकलन
इकाई
का
प्राथमिक
उत्तरदायित्व
होगा
और
कि
आंकड़ा
इस
बात
पर
ध्यान
दिए
बिना
कि
पीएफसी
शीर्ष
अथवा
अन्यथा
है,
संग्रहित
किया
जाना
होगा।
इसके
अतिरिक्त,
पीएफसी
के
केवाईसी
संबंधी
दिशानिर्देशों
की
मानीटरिंग
सुनिश्चित
करने
के
लिए
उधारकर्ताओं
से
अपने
प्रपत्र
वार्षिक
रूप
से
अथवा
संगठन
की
संरचना
में
किसी
परिवर्तन
के
मामले
में
पुनःप्रस्तुत
करने
का
अनुरोध
किया
जा
सकता
है।
निवेशक
पक्ष
पर
आंकड़ों
का
संग्रहण
आरएम
इकाई
का
प्राथमिक
उत्तरदायित्व
होगा
और
अंतरणों
के
मामले
में
निवेशक
सेवा
इकाई
आंकड़ों
के
संग्रहण
की
उत्तरदायी
होगी।
पीएफसी
के
बाण्डों
अथवा
सार्वजनिक
जमाराशियों
आदि
में
निवेश
करते
समय
निवेशक
आवेदन
पत्र
में
संगत
ब्यौरे
पहले
से
प्रस्तुत
कर
रहे
थे;
इसलिए
निवेशकों
के
लिए,
स्वयं
आवेदन
पत्र
का
ही
प्रयोग
केवाईसी
के
प्रयोजनार्थ
अपेक्षित
सूचना
मांगने
के
लिए
किया
जा
सकता
है।
तथापि,
निवेशकों
से
संग्रहित
की
जाने
वाली
सूचना
निवेशकों
की
प्रत्येक
श्रेणी
के
लिए
पृथक
प्रपत्र
में
उपलब्ध
होगी।
जोखिम
प्रबंधन
: उधारकर्ता
पक्ष
के
ग्राहकों
की
तरफ
चूंकि
राज्य
विद्युत
बोर्ड
सरकार
नियंत्रित
संगठन
हैं
इसलिए
उन्हें
पीएफसी
की
केवाईसी
संरचना
के
सीमाक्षेत्र
से
हटा
दिया
जाता
है।
तथापि,
अपनी
प्रास्थिति
पर
ध्यान
दिए
बिना
नैगमों
को
शामिल
किया
जाएगा।
तदनुसार,
स्वतंत्र
विद्युत
उत्पादकों
के
मामले
में,
उधारकर्ता
कंपनी,
उसके
निदेशकों
तथा
साथ
ही
प्रवर्त्तक
संगठनों
का
ब्यौरा
प्राप्त
किया
जाएगा।
इसके
अतिरिक्त,
प्रवर्त्तक
कंपनियों
के
निदेशकों
का
पृथक
ब्यौरा
भी
पीएफसी |